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Showing posts with the label हिन्दी कहानियाँ

कहानी :- मनुष्य की कीमत

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एक बार लोहे की दुकान में अपने पिता के साथ काम कर रहे एक बालक ने अचानक ही अपने पिता से पुछा – “पिताजी इस दुनिया में मनुष्य की क्या कीमत होती है ?” पिताजी एक छोटे से बच्चे से ऐसा गंभीर सवाल सुन कर हैरान रह गये. फिर वे बोले “बेटे एक मनुष्य की कीमत आंकना बहुत मुश्किल है, वो तो अनमोल है.” बालक – क्या सभी उतना ही कीमती और महत्त्वपूर्ण हैं ? पिताजी – हाँ बेटे.                बालक कुछ समझा नही उसने फिर सवाल किया – तो फिर इस दुनिया मे कोई गरीब तो कोई अमीर क्यो है? किसी की कम रिस्पेक्ट तो कीसी की ज्यादा क्यो होती है? सवाल सुनकर पिताजी कुछ देर तक शांत रहे और फिर बालक से स्टोर रूम में पड़ा एक लोहे का रॉड लाने को कहा. रॉड लाते ही पिताजी ने पुछा – इसकी क्या कीमत होगी? बालक – 200 रूपये. पिताजी – अगर मै इसके बहुत से छोटे-छटे कील बना दू तो इसकी क्या कीमत हो जायेगी ? बालक कुछ देर सोच कर बोला – तब तो ये और महंगा बिकेगा लगभग 1000 रूपये का . पिताजी – अगर मै इस लोहे से घड़ी के बहुत सारे स्प्रिंग बना दूँ तो? बालक कु...

तीन मोटिवेशनल कहानिया

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यह तीन मोटिवेशनल कहानिया है जो मैने दुसरे Blog  पर पढी थी जिन को आपके लिये प्रस्तुत कर रहा हु बदलाव एक लड़का हर sunday सुबह सुबह  तालाब के किनारे jogging करने जाता था. और  हमेशा एक बूढी महिला को देखता था. जो किनारे पर बनी बेंच पर बैठकर तालाब के छोटे छोटे कछुओ को उठाकर उनकी पीठ साफ़ किया करती थी..  एक ऐसे ही sunday को जब वो लड़का  वहाँ से  गुज़रा तो उसी महिला को देखा.. इस बार वो उनके पास गया और पूछा.. “नमस्ते, मैं हमेशाआपको कछुओ की पीठ साफ़ करते हुए देखता हूँ.. आप ऐसा क्यों करती है?” महिला ने  पहले तो उसे देखा, और फिर शांत मुस्कराहट के  साथ कहा- ” मैं...

कहानी:- तीन मछलिया

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एक नदी के किनारे उसी नदी से जुडा एक बडा जलाशय था। जलाशय में पानी गहरा होता हैं, इसलिए उसमें काई तथा मछलियों का प्रिय भोजन जलीय सूक्ष्म पौधे उगते हैं। ऐसे स्थान मछलियों को बहुत रास आते हैं। उस जलाशय में भी नदी से बहुत-सी मछलियां आकर रहती थी। अंडे देने के लिए तो सभी मछलियां उस जलाशय में आती थी। वह जलाशय लम्बी घास व झाडियों द्वारा घिरा होने के कारण आसानी से नजर नहीं आता था। उसी मे तीन मछलियों का झुंड रहता था। उनके स्वभाव भिन्न थे। अन्ना संकट आने के लक्षण मिलते ही संकट टालने का उपाय करने में विश्वास रखती थी। प्रत्यु कहती थी कि संकट आने पर ही उससे बचने का यत्न करो। यद्दी का सोचना था कि संकट को टालने या उससे बचने की बात बेकार हैं करने कराने से कुछ नहीं होता जो किस्मत में लिखा है, वह होकर रहेगा। एक दिन शाम को मछुआरे नदी में मछलियां पकडकर घर जा रहे थे। बहुत कम मछलियां उनके जालों में फंसी थी। अतः उनके चेहरे उदास थे। तभी उन्हें झाडियों के ऊपर मछलीखोर पक्षियों का झुंड जाता दिकाई दिया। सबकी चोंच में मछलियां दबी थी। वे चौंके । एक ने अनुमान लगाया “दोस्तो! लगता हैं झाडियों के पीछे नदी से ...

कहानी:- कुत्ते ने मारा शेर

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एक दिन एक कुत्ता जंगल में रास्ता भटक गया। तभी उसने देखा कि एक शेर उसकी ओर आ रहा है। कुत्ते की सांसें सूख गई। सोचा, आज तो काम तमाम मेरा। फिर उसने सामने कुछ सूखी हड्डियां पड़ी देखी। वह आते हुए शेर की तरफ पीठ करके बैठ गया और एक सूखी हड्डी को चूसने लगा और ज़ोर ज़ोर से बोलने लगा, 'वाह, शेर को खाने का मज़ा ही कुछ और है। एक और मिल जाए तो पूरी दावत हो जाएगी' और उसने ज़ोर से डकार मारा। इस बार शेर सकते में आ गया। उसने सोचा, 'यह कुत्ता तो शेर का शिकार करता है। जान बचा कर भागो' ...और शेर वहां से चंपत हो गया। पेड़ पर बैठा एक बंदर यह सब तमाशा देख रहा था। उसने सोचा यह मौका अच्छा है, शेर को सारी कहानी बता देता हूं। इसी बहाने शेर से दोस्ती भी हो जाएगी और उससे ज़िंदगी भर के लिए जान का ख़तरा भी दूर हो जाएगा। वह फटाफट शेर के पीछे भागा। कुत्ते ने बंदर को जाते हुए देख लिया और समझ गया कि कोई लोचा है। उधर बंदर ने शेर को सब बता दिया कि कैसे कुत्ते ने उसे बेवकूफ़ बनाया है। शेर ज़ोर से दाहड़ा, 'चल मेरे साथ, अभी उसकी लीला ख़त्म करता हूं।' बंदर को अपनी पीठ पर बैठा कर शेर कु...

मछुआरा और अमीर बिज़नेसमैन

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एक बार एक मछुआरा समुद्र किनारे आराम से छांव में बैठकर शांति से बीडी पी रहा था। अचानक एक बिजनैसमैन वहाँ से गुजरा और उसने मछुआरे से पूछा"तुम काम करने के बजाय आराम क्यों फरमा रहे हो?" इस पर गरीब मछुआरे ने कहा"मै आज के लिये पर्याप्त मछलियाँ पकड चुका हूँ ।" यह सुनकर बिज़नेसमैन गुस्से में आकर बोला"यहाँ बैठकर समय बर्बाद करने से बेहतर है कि तुम क्यों ना और मछलियाँ पकडो ।" मछुआरे ने पूछा"और मछलियाँ पकडने से क्या होगा ?" बिज़नेसमैन : उन्हे बेंचकर तुम और ज्यादा पैसे कमा सकते हो और एक बडी बोट भी ले सकते हो । मछुआरा :- उससे क्या होगा ? बिज़नेसमैन :- उससे तुम समुद्र में और दूर तक जाकर और मछलियाँ पकड सकते हो और ज्यादा पैसे कमा सकते हो । मछुआरा :-"उससे क्या होगा?" बिज़नेसमैन :"तुम और अधिक बोट खरीद सकते हो और कर्मचारी रखकर और अधिक पैसे कमा सकते हो ।" मछुआरा :"उससे क्या होगा ?" बिज़नेसमैन :"उससे तुम मेरी तरह अमीर बिज़नेसमैन बन जाओगे ।" मछुआरा :-"उससे क्या होगा?" बिज़नेसमैन :"अरे ...

लालची बेटा

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 बेटे ने जॉब के खातिर घर ही छोड़ा था , लेकिन जॉब लगने के बाद शादी हुई, और शादी होने के बाद उसने घर के साथ साथ , रिश्ते भी छोड़ दिए थे , जिन रिश्तों ने उसे जन्म दिया था , वो अब उसकी जिन्दगी में कोई मायने नहीं रखते थे | लेकिन आज बेटे ने माँ से फ़ोन पर लगभग आधा घंटा बात करी , बेटे के साथ साथ उसकी बहु ने उसके पोते पोतियों ने भी | माँ की अचरज का कोई ठिकाना ना रहा , पोता बड़े प्यार से कह रहा था , दादी आप यहाँ आओ ना हमारे साथ रहने, .. आज ऐसा महसूस हो रहा था उस बूढी माँ को , जैसे कानों में मिश्री घोल दी हो किसी ने | उसने अपने पति से कहा , अजी सुनते हो चलिए ना कुछ दिन बेटे के घर हो आते है , अभी उसके बच्चों की छुटियाँ भी है , तो उन्हें भी DISTURB नहीं होगा , और वो बुजुर्ग दंपत्ति अगले दिन की ट्रेन पकड़ कर जा पहुंचा बेटे के घर| सभी जने उनकी , आवभगत में लगे हुए थे , माँ को बेटे बहु की इतनी साफगोई, अटपटी सी लग रही थी , और रात होतें होते , सुबह के उजालों के पीछे का अँधेरा साफ़ दिखाई देने लगा , बेटे ने माँ से कहा, माँ गाँव का अपना मकान और दुकान बेच दो , एक करोड़ से ऊपर की संपत्ति है , वो ...

एक बेटे का पछतावा

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एक धनी व्यक्ति की माँ अक्सर बीमार रहती थी। माँ रोज बेटे-बहू को कहती थी कि बेटा, मुझे डॉक्टर के पास ले चल। बेटा भी रोज पत्नी को कह देता, "माँ को ले जाना, मैं तो फैक्टरी के काम में व्यस्त रहता हूँ। क्या तुम माँ का चेकअप नहीं करा सकती हो?" पत्नी भी लापरवाही से उत्तर दे देती, "पिछले साल गई तो थी, डॉक्टर ने कोई ऑपरेशन का कहा है। जब तकलीफ होगी ले जाना"और वह अपने काम में लग जाती। बेटा भी ब्रीफकेस उठाकर चलता हुआ बोल जाता कि"माँ तुम भी थोड़ी सहनशक्ति रखा करो.." फैक्टरी की पार्किंग में उस व्यक्ति को हमेशा एक निर्धन लड़का मिलता था। वह पार्किंग के पास ही बूट पॉलिश करता रहता। और जब कभी बूट पॉलिश का काम नहीं होता, तब वह वहाँ रखी गाड़ियों को कपड़े से साफ करता। गाड़ी वाले उसे जो भी 2-4 रुपए देते उसे ले लेता। धनी व्यक्ति और अन्य दूसरे लोग भी रोज मिलने से उसे पहचानने लग गए थे। लड़का भी जिस साहब से 5 रुपए मिलते उस साहब को लंबा सलाम ठोकता था। एक दिन की बात है धनी व्यक्ति शाम को मीटिंग लेकर अपने कैबिन में आकर बैठा। उसको एक जरूरी फोन पर जानकारी मिली, जो उसक...