1. सभी दूर बस प्रेम ही प्रेम हैं. प्यार फैलाव हैं… और स्वार्थ ही सिकुडन हैं. इसलिए दुनिया का बस एक ही नियम होना चाहिए.. प्रेम. जो प्रेम करता हैं.. प्रेम से रहता हैं वोही जीता हैं.. जो स्वार्थ में जीता हैं वो मर रहा हैं.. इसलिए प्यार पाने के लिए प्यार करो भी .. क्योंकि ये जिंदगी का नियम हैं.. ठीक उसी तरह जिस तरह तुम साँस लेते हो. 2. बाहर की दुनिया बिलकुल वेसी हैं जैसा की हम अन्दर से सोचते हैं. हमारे विचार ही चीजों को सुन्दर बनाते हैं, हमारे विचार ही चीजों को बदसूरत बनाते हैं. पूरा संसार हमारे अन्दर समाया हैं. चीजों को सही रौशनी में रख कर देखना सीखो. 3. सबसे पहले ये अच्छे से जान लों की हर बात के पीछे एक मतलब होता हैं. इस दुनिया की हर चीज़ अच्छी हैं.. पवित्र हैं और सुन्दर हैं. अगर आपको कुछ बुरा दिखाई देता है.. इसका मतलब ये नहीं हैं की वो बुरा हैं. इसका मतलब ये हैं की आपने उसे सही रौशनी में नहीं देखा. 4. ईसा मसीह की तरह सोचो और तुम इसा बन जाओगे, बुद्धा की तरह सोचो और तुम बुद्धा बन जाओगे. जिंदगी बस महसूस होने का नाम हैं. अपनी ताकत, हमारे कला कौशल क...