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कैसे बने मेमोरी के मास्टर

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इसे कहीं देखा तो है, पर नाम याद नहीं आ रहा! अरे, मोबाइल कहां रख दिया,  याद नहीं आ रहा! मेमरी बेकार हो गई है...  ऐसी बातें बोलते हुए आपने अक्सर लोगों को सुना होगा।  इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें कोई मेमरी प्रॉब्लम है। दरअसल, फोकस न होने और ध्यान कहीं और होने की वजह से ऐसा होता है।  आप चाहें तो अपनी मेमरी को और निखार सकते हैं। कैसे,  एक्सपर्ट्स की मदद से बता रही हैं प्रियंका सिंह: अक्सर लोगों को लगता है कि हम भूल रहे हैं,  लेकिन असल में यह मेमरी लॉस नहीं होता।  इसकी वजह अब्सेंट-माइंडेडनेस (दिमाग का वहां न होना)  और एंग्जाइटी (बेचैनी या उतावलापन) होता है।  मेमरी का फंडा है रेकॉर्ड, स्टोर और फिर री-प्ले। अगर रेकॉर्ड ही नहीं हुआ, तो री-प्ले कैसे होगा।  इसलिए अगर किसी चीज को याद रखना चाहते हैं  तो सबसे पहले उस पर पूरा ध्यान लगाएं,  गौर से सुनें-देखें और फिर दिमाग में बिठाएं।  फिर वह आपके दिमाग से निकलेगी नहीं। ऐसे करें मेमरी तेज 1. दिमागी तौर पर ऐक्टिव रहें शरीर को फिट रखने के लिए जिस तरह फिजिकल ...

कैसे बने सोशल एंटरप्रिन्योर्स

सफल एंटरप्रेन्योर बनने के लिए खूब सारे पैसों की नहीं, बल्कि एक इनोवेटिव आइडियाज और कुछ कर दिखाने के जज्बे की जरूरत होती है। यदि आप यह सोच रहे हैं कि एंटरप्रेन्योर बनने के लिए बड़े पैमाने पर पुजी की जरूरत होती है, तो जरा इन्हें देखिए... डेल कम्प्यूटर के संस्थापक माइकल डेल ने जब अपने बिजनेस की शुरुआत की थी, तो उसके पास मात्र एक हजार डॉलर था, वह भी उधार का। बिल गेट्स ने जब अपने बिजनेस की शुरुआत थी, उनके पास महज पांच सौ डॉलर थे। इतनी कम पूंजी से बिजनेस की शुरुआत करने के बाद भी ये लोग आज जिस मुकाम पर पहुंच चुके हैं, उससे पूरी दुनिया भलीभांति परिचित है।  दरअसल, बदलते वक्त के साथ-साथ जॉब के प्रति लोगों की सोच में भी तब्दीली आने लगी हैं। उद्यमिता आगे बढऩे का एक बेहतरीन जरिया माना जा रहा है। शायद यही वजह है कि आईआईएम जैसे बिजनेस स्कूलों से निकलने वाले स्टूडेंट्स भी अब अच्छी कंपनियों केप्लेसमेंट को छोड़कर एंटरप्रेन्योरशिप की राह अपना रहे हैं।  आइए जानते हैं कैसे बने सफल उद्यमी? हमेशा खुद का इंटरप्राइज शुरू करना एक बेहतर ऑप्शन होता है, लेकिन इसके लिए बहुत चीजों ...

उबलते पानी मे मेन्डक

मेंढक को अगर पानी से भरे बर्तन में रख दें और पानी गरम करने लगें तो क्या होगा? मेंढक फौरन मर जाएगा? ना... ऐसा बहुत देर के बाद होगा...दरअसल होता ये है कि जैसे जैसे पानी का तापमान बढता है, मेढक उस तापमान के हिसाब से अपने शरीर को Adjust करने लगता है। पानी का तापमान, खौलने लायक पहुंचने तक,वो ऐसा ही करता रहता है।अपनी पूरी उर्जा वो पानी  के तापमान से तालमेल बनाने में खर्च करता रहता है।लेकिन जब पानी खौलने को होता है और वो अपने Boiling Point तक पहुंच जाता है, तब मेढक अपने  शरीर को उसके अनुसार समायोजित नहीं कर पाता है, और अब वो पानी से बाहर आने के लिए, छलांग लगाने की कोशिश करता है। लेकिन अब ये मुमकिन नहीं है।क्योंकि अपनी छलाँग लगाने की क्षमता के बावजूद, मेंढक ने अपनी सारी ऊर्जा वातावरण के साथ खुद को Adjust करने में खर्च कर दी है। अब पानी से बाहर आने के लिए छलांग लगाने की शक्ति, उस में बची ही नहींIवो पानी से बाहर नहीं आ पायेगा, और मारा जायेगाI मेढक क्यों मर जाएगा? कौन मारता है उसको? पानी का तापमान? गरमी? या उसका स्वभाव? मेढक को मार देती है,उसकी असमर्थता सही वक्त पर ही फैसला ...