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कैसे बने मेमोरी के मास्टर

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इसे कहीं देखा तो है, पर नाम याद नहीं आ रहा! अरे, मोबाइल कहां रख दिया,  याद नहीं आ रहा! मेमरी बेकार हो गई है...  ऐसी बातें बोलते हुए आपने अक्सर लोगों को सुना होगा।  इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें कोई मेमरी प्रॉब्लम है। दरअसल, फोकस न होने और ध्यान कहीं और होने की वजह से ऐसा होता है।  आप चाहें तो अपनी मेमरी को और निखार सकते हैं। कैसे,  एक्सपर्ट्स की मदद से बता रही हैं प्रियंका सिंह: अक्सर लोगों को लगता है कि हम भूल रहे हैं,  लेकिन असल में यह मेमरी लॉस नहीं होता।  इसकी वजह अब्सेंट-माइंडेडनेस (दिमाग का वहां न होना)  और एंग्जाइटी (बेचैनी या उतावलापन) होता है।  मेमरी का फंडा है रेकॉर्ड, स्टोर और फिर री-प्ले। अगर रेकॉर्ड ही नहीं हुआ, तो री-प्ले कैसे होगा।  इसलिए अगर किसी चीज को याद रखना चाहते हैं  तो सबसे पहले उस पर पूरा ध्यान लगाएं,  गौर से सुनें-देखें और फिर दिमाग में बिठाएं।  फिर वह आपके दिमाग से निकलेगी नहीं। ऐसे करें मेमरी तेज 1. दिमागी तौर पर ऐक्टिव रहें शरीर को फिट रखने के लिए जिस तरह फिजिकल ...

इंग्लिश आपकी मुठीमे

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इंग्लिश लैंग्वेज पर कमांड न सिर्फ तरक्की की राह आसान कर सकती है, बल्कि आपका कॉन्फिडेंस भी काफी बढ़ा देती है। अपनी इंग्लिश कैसे बेहतर बनाएं, एक्सपर्ट्स से बात करके बता रही हैं प्रियंका सिंह: जानें इंग्लिश का साइंस कोई भी लैंग्वेज सुनने से शुरू होती है। बच्चा सबसे पहले अपने घर और आसपास बोली जाने वाली लैंग्वेज सुनता है, फिर उसे दोहराना शुरू करता है। हमारे देश में इंग्लिश के साथ उलटा होता है। हमारे यहां ज्यादातर बच्चे पहले इसे पढ़ना शुरू करते हैं और फिर बोलना-सुनना। बस यही असली दिक्कत है। घरों में इंग्लिश ज्यादा न बोले जाने से बच्चे ज्यादा सुन नहीं पाते। जिससे बोलने में भी दिक्कत आती है। इंग्लिश बोलने के लिए स्कूल जाना जरूरी नहीं। जो लोग स्कूल नहीं गए, वे भी इसे बोल सकते हैं क्योंकि सारा खेल सुनने और बोलने का है। इंग्लिश बोलने के लिए सबसे पहले सुनने की आदत डालें। हो सकता है शुरुआत में एक-दो दिन समझ में न आए, लेकिन लगातार सुनने से समझ में आने लगेगी। हमारे यहां जो लोग ज्यादा इंग्लिश नहीं बोलते, वे पहले हिंदी में सोचते हैं, फिर उसे इंग्लिश में ट्रांसलेट करते हैं। ऐसा...