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अच्छा रिजुमे बनाने के दस तरीके

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किसी भी नौकरी के लिए जाने से पहले आपके पास एक अच्छा रिज्यूम होना जरूरी है, जो आपकी इमेज और आपके काम के बारे में सही-सही बताता हो। रिज्यूम बनाते समय अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे, तो निश्चित ही आपको नौकरी पाने में आसानी होगी। यहां प्रस्तुत हैं कुछ खास बातें- (1) रिज्यूम के नोट्स --- सबसे पहले अपने विषय में जो खास जानकारी आप रिज्यूम में देना चाहते हैं, उन्हें नोट कर लें। रिज्यूम बनाने से पहले अपने बारे में सभी फेक्चुअल इंफॉर्मेशन, तारीख आदि इकट्ठा कर लें फिर रिज्यूम की तैयारी करे (2) पर्सनल डिटेल्स --- किसी भी रिज्यूम की शुरुआत अपने विषय में व्यक्तिगत जानकारी से शुरू की जाती है जिसमें आपका नाम-पता और मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी होना चाहिए। (3) करियर का टारगेट :अब आप अपने रिज्यूम में ऐसा कुछ लिखें, जो ये दर्शाता हो कि आपने अपने करियर के लिए क्या टारगेट निर्धारित कर रखा है या आप कैसे काम करने वाले हैं। यहां आप अपने करियर के बारे में थोड़ी-सी जानकारी दे सकते है (4)एकेडमिक क्वालिफिकेशन ---रिज्यूम में आप अपनी शैक्षणिक योग्यताओं की जानकारी दे सकते हैं। इसमें आप क्रमश: प्र...

जब बने उद्दमी तो ध्यान रखे ये बाते

जब बनना हो उद्यमी आज के युवाओं की एक बड़ी तादाद जॉब के बजाय अपना कारोबार करना पसंद करती है। अपने कारोबार का ज्यादा चैलेंजिंग होना, काम करने की स्वतंत्रता का होना, खुद के साथ-साथ दूसरों के लिए रोजगार उपलब्ध कराना, किसी भी सीमा तक उड़ान भरने का अवसर होना, अधिक आमदनी होना आदि कई ऐसे कारण हैं, जो युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हैं। स्मॉल एंटरप्राइजेज में युवाओं की दिलचस्पी इसलिए भी नजर आती है, क्योंकि ऐसे कारोबार के लिए बजट का इंतजाम करना तुलनात्मक रूप से आसान होता है। इसके बावजूद यह भी सच है कि एंटरप्रेन्योरशिप में सफलता उन्हें ही मिलती है, जिनकी प्लानिंग अच्छी होती है और जो बाधाओं का सामना करने का हौसला रखते हैं। आपको भी सफल उद्यमी बनना हो, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है : कोई भी कारोबार शुरू करने से पहले अपनी क्षमता और रुचि का ध्यान रखें। किसी दूसरे की सफलता को देखकर शुरू किए गए काम में जरूरी नहीं कि आपको भी सफलता मिल ही जाए। जब आप अपनी क्षमता, अपनी नॉलेज का आकलन कर लेंगे, तो उसके अनुरूप कोई बिजनेस आइडिया डेवलप करें। यही आइडिया आपको आपकी मंजिल तक पहुंचाएगा। आइडिया ...

कैसे बने सोशल एंटरप्रिन्योर्स

सफल एंटरप्रेन्योर बनने के लिए खूब सारे पैसों की नहीं, बल्कि एक इनोवेटिव आइडियाज और कुछ कर दिखाने के जज्बे की जरूरत होती है। यदि आप यह सोच रहे हैं कि एंटरप्रेन्योर बनने के लिए बड़े पैमाने पर पुजी की जरूरत होती है, तो जरा इन्हें देखिए... डेल कम्प्यूटर के संस्थापक माइकल डेल ने जब अपने बिजनेस की शुरुआत की थी, तो उसके पास मात्र एक हजार डॉलर था, वह भी उधार का। बिल गेट्स ने जब अपने बिजनेस की शुरुआत थी, उनके पास महज पांच सौ डॉलर थे। इतनी कम पूंजी से बिजनेस की शुरुआत करने के बाद भी ये लोग आज जिस मुकाम पर पहुंच चुके हैं, उससे पूरी दुनिया भलीभांति परिचित है।  दरअसल, बदलते वक्त के साथ-साथ जॉब के प्रति लोगों की सोच में भी तब्दीली आने लगी हैं। उद्यमिता आगे बढऩे का एक बेहतरीन जरिया माना जा रहा है। शायद यही वजह है कि आईआईएम जैसे बिजनेस स्कूलों से निकलने वाले स्टूडेंट्स भी अब अच्छी कंपनियों केप्लेसमेंट को छोड़कर एंटरप्रेन्योरशिप की राह अपना रहे हैं।  आइए जानते हैं कैसे बने सफल उद्यमी? हमेशा खुद का इंटरप्राइज शुरू करना एक बेहतर ऑप्शन होता है, लेकिन इसके लिए बहुत चीजों ...

काबिलियत

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  जंगल में एक बहुत बड़ा तालाब था . तालाब के पास एक बागीचा था , जिसमे अनेक प्रकार के पेड़ पौधे लगे थे . दूर- दूर से लोग वहाँ आते और बागीचे की तारीफ करते . गुलाब के पेड़ पे लगा पत्ता हर रोज लोगों को आते-जाते और फूलों की तारीफ करते देखता, उसे लगता की हो सकता है एक दिन कोई उसकी भी तारीफ करे. पर जब काफी दिन बीत जाने के बाद भी किसी ने उसकी तारीफ नहीं की तो वो काफी हीन महसूस करने लगा . उसके अन्दर तरह-तरह के विचार आने लगे—” सभी लोग गुलाब और अन्य फूलों की तारीफ करते नहीं थकते पर मुझे कोई देखता तक नहीं , शायद मेरा जीवन किसी काम का नहीं, कहाँ ये खूबसूरत फूल और कहाँ मैं,” और ऐसे विचार सोच कर वो पत्ता काफी उदास रहने लगा.  दिन यूँही बीत रहे थे कि एक दिन जंगल में बड़ी जोर-जोर से हवा चलने लगी और देखते-देखते उसने आंधी का रूप ले लिया. बागीचे के पेड़-पौधे तहस-नहस होने लगे , देखते-देखते सभी फूल ज़मीन पर गिर कर निढाल हो गए , पत्ता भी अपनी शाखा से अलग हो गया और उड़ते-उड़ते तालाब में जा गिरा. पत्ते ने देखा कि उससे कुछ ही दूर पर कहीं से एक चींटी हवा के झोंको की वजह से तालाब में आ गिरी थी औ...

कहानी :- मनुष्य की कीमत

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एक बार लोहे की दुकान में अपने पिता के साथ काम कर रहे एक बालक ने अचानक ही अपने पिता से पुछा – “पिताजी इस दुनिया में मनुष्य की क्या कीमत होती है ?” पिताजी एक छोटे से बच्चे से ऐसा गंभीर सवाल सुन कर हैरान रह गये. फिर वे बोले “बेटे एक मनुष्य की कीमत आंकना बहुत मुश्किल है, वो तो अनमोल है.” बालक – क्या सभी उतना ही कीमती और महत्त्वपूर्ण हैं ? पिताजी – हाँ बेटे.                बालक कुछ समझा नही उसने फिर सवाल किया – तो फिर इस दुनिया मे कोई गरीब तो कोई अमीर क्यो है? किसी की कम रिस्पेक्ट तो कीसी की ज्यादा क्यो होती है? सवाल सुनकर पिताजी कुछ देर तक शांत रहे और फिर बालक से स्टोर रूम में पड़ा एक लोहे का रॉड लाने को कहा. रॉड लाते ही पिताजी ने पुछा – इसकी क्या कीमत होगी? बालक – 200 रूपये. पिताजी – अगर मै इसके बहुत से छोटे-छटे कील बना दू तो इसकी क्या कीमत हो जायेगी ? बालक कुछ देर सोच कर बोला – तब तो ये और महंगा बिकेगा लगभग 1000 रूपये का . पिताजी – अगर मै इस लोहे से घड़ी के बहुत सारे स्प्रिंग बना दूँ तो? बालक कु...

तीन मोटिवेशनल कहानिया

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यह तीन मोटिवेशनल कहानिया है जो मैने दुसरे Blog  पर पढी थी जिन को आपके लिये प्रस्तुत कर रहा हु बदलाव एक लड़का हर sunday सुबह सुबह  तालाब के किनारे jogging करने जाता था. और  हमेशा एक बूढी महिला को देखता था. जो किनारे पर बनी बेंच पर बैठकर तालाब के छोटे छोटे कछुओ को उठाकर उनकी पीठ साफ़ किया करती थी..  एक ऐसे ही sunday को जब वो लड़का  वहाँ से  गुज़रा तो उसी महिला को देखा.. इस बार वो उनके पास गया और पूछा.. “नमस्ते, मैं हमेशाआपको कछुओ की पीठ साफ़ करते हुए देखता हूँ.. आप ऐसा क्यों करती है?” महिला ने  पहले तो उसे देखा, और फिर शांत मुस्कराहट के  साथ कहा- ” मैं...

जो डर गया, समझो हार गया

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एक दिन एक किसान का गधा कुएँ में गिर गया ।वह गधा घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा और किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिऐ और क्या नहीं। अंततः उसने निर्णय लिया कि चूंकि गधा काफी बूढा हो चूका था,अतः उसे बचाने से कोई लाभ होने वाला नहीं था;और इसलिए उसे कुएँ में ही दफना देना चाहिऐ। किसान ने अपने सभी पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया। सभी ने एक-एक फावड़ा पकड़ा और कुएँ में मिट्टी डालनी शुरू कर दी। जैसे ही गधे कि समझ में आया कि यह क्या हो रहा है ,वह और ज़ोर-ज़ोर से चीख़ चीख़ कर रोने लगा । और फिर ,अचानक वह आश्चर्यजनक रुप से शांत हो गया। सब लोग चुपचाप कुएँ में मिट्टी डालते रहे। तभी किसान ने कुएँ में झाँका तो वह आश्चर्य सेसन्न रह गया। अपनी पीठ पर पड़ने वाले हर फावड़े की मिट्टी के साथ वह गधा एकआश्चर्यजनक हरकत कर रहा था। वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को नीचे गिरा देता था और फिर एक कदम बढ़ाकर उस पर चढ़ जाता था। जैसे-जैसे किसान तथा उसके पड़ोसी उस पर फावड़ों से मिट्टी गिराते वैसे -वैसे वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को गिर...