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भारत के बारह राष्ट्रपती

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                                                                                                                                                                                                                                                                                             ...

मछुआरा और अमीर बिज़नेसमैन

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एक बार एक मछुआरा समुद्र किनारे आराम से छांव में बैठकर शांति से बीडी पी रहा था। अचानक एक बिजनैसमैन वहाँ से गुजरा और उसने मछुआरे से पूछा"तुम काम करने के बजाय आराम क्यों फरमा रहे हो?" इस पर गरीब मछुआरे ने कहा"मै आज के लिये पर्याप्त मछलियाँ पकड चुका हूँ ।" यह सुनकर बिज़नेसमैन गुस्से में आकर बोला"यहाँ बैठकर समय बर्बाद करने से बेहतर है कि तुम क्यों ना और मछलियाँ पकडो ।" मछुआरे ने पूछा"और मछलियाँ पकडने से क्या होगा ?" बिज़नेसमैन : उन्हे बेंचकर तुम और ज्यादा पैसे कमा सकते हो और एक बडी बोट भी ले सकते हो । मछुआरा :- उससे क्या होगा ? बिज़नेसमैन :- उससे तुम समुद्र में और दूर तक जाकर और मछलियाँ पकड सकते हो और ज्यादा पैसे कमा सकते हो । मछुआरा :-"उससे क्या होगा?" बिज़नेसमैन :"तुम और अधिक बोट खरीद सकते हो और कर्मचारी रखकर और अधिक पैसे कमा सकते हो ।" मछुआरा :"उससे क्या होगा ?" बिज़नेसमैन :"उससे तुम मेरी तरह अमीर बिज़नेसमैन बन जाओगे ।" मछुआरा :-"उससे क्या होगा?" बिज़नेसमैन :"अरे ...

लालची बेटा

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 बेटे ने जॉब के खातिर घर ही छोड़ा था , लेकिन जॉब लगने के बाद शादी हुई, और शादी होने के बाद उसने घर के साथ साथ , रिश्ते भी छोड़ दिए थे , जिन रिश्तों ने उसे जन्म दिया था , वो अब उसकी जिन्दगी में कोई मायने नहीं रखते थे | लेकिन आज बेटे ने माँ से फ़ोन पर लगभग आधा घंटा बात करी , बेटे के साथ साथ उसकी बहु ने उसके पोते पोतियों ने भी | माँ की अचरज का कोई ठिकाना ना रहा , पोता बड़े प्यार से कह रहा था , दादी आप यहाँ आओ ना हमारे साथ रहने, .. आज ऐसा महसूस हो रहा था उस बूढी माँ को , जैसे कानों में मिश्री घोल दी हो किसी ने | उसने अपने पति से कहा , अजी सुनते हो चलिए ना कुछ दिन बेटे के घर हो आते है , अभी उसके बच्चों की छुटियाँ भी है , तो उन्हें भी DISTURB नहीं होगा , और वो बुजुर्ग दंपत्ति अगले दिन की ट्रेन पकड़ कर जा पहुंचा बेटे के घर| सभी जने उनकी , आवभगत में लगे हुए थे , माँ को बेटे बहु की इतनी साफगोई, अटपटी सी लग रही थी , और रात होतें होते , सुबह के उजालों के पीछे का अँधेरा साफ़ दिखाई देने लगा , बेटे ने माँ से कहा, माँ गाँव का अपना मकान और दुकान बेच दो , एक करोड़ से ऊपर की संपत्ति है , वो ...

एक बेटे का पछतावा

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एक धनी व्यक्ति की माँ अक्सर बीमार रहती थी। माँ रोज बेटे-बहू को कहती थी कि बेटा, मुझे डॉक्टर के पास ले चल। बेटा भी रोज पत्नी को कह देता, "माँ को ले जाना, मैं तो फैक्टरी के काम में व्यस्त रहता हूँ। क्या तुम माँ का चेकअप नहीं करा सकती हो?" पत्नी भी लापरवाही से उत्तर दे देती, "पिछले साल गई तो थी, डॉक्टर ने कोई ऑपरेशन का कहा है। जब तकलीफ होगी ले जाना"और वह अपने काम में लग जाती। बेटा भी ब्रीफकेस उठाकर चलता हुआ बोल जाता कि"माँ तुम भी थोड़ी सहनशक्ति रखा करो.." फैक्टरी की पार्किंग में उस व्यक्ति को हमेशा एक निर्धन लड़का मिलता था। वह पार्किंग के पास ही बूट पॉलिश करता रहता। और जब कभी बूट पॉलिश का काम नहीं होता, तब वह वहाँ रखी गाड़ियों को कपड़े से साफ करता। गाड़ी वाले उसे जो भी 2-4 रुपए देते उसे ले लेता। धनी व्यक्ति और अन्य दूसरे लोग भी रोज मिलने से उसे पहचानने लग गए थे। लड़का भी जिस साहब से 5 रुपए मिलते उस साहब को लंबा सलाम ठोकता था। एक दिन की बात है धनी व्यक्ति शाम को मीटिंग लेकर अपने कैबिन में आकर बैठा। उसको एक जरूरी फोन पर जानकारी मिली, जो उसक...

भगवान गणेश

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एक बार भगवान गणेश बालक बन गए। उसके एक हाथ में चम्मच भर दूध था और दूसरी हथेली में एक चावल। घर-घर जाता और कहता ‘मेरे लिए खीर बना दो’। चम्मच भर दूध और एक चावल देख कर घर की औरतों की हंसी नही रुकती। वे कहती इतने में क्या खीर बनेगी? बालक ज्यादा हठ करता तो कोईफुसला कर टाल देती तो कोई क्रोधित होकर उसे घर से निकाल देती। सुबहसे शाम होगई,बालक के लिए खीर बनाने को कोई तैयार नहीहुआ। सांझ पड़े बालक बने गणेश एक कुटिया मे पहुंचे, जहां एक वृद्ध महिला रहती थी। बालक ने वृद्धा से भी यही विनती करते हुए कहा, ‘मां मेरे लिए खीर बना दो, महल-भवन घूम आया, मेरे पास चावल भी है और दूध भी, पता नही खीर बनाने में कितनी मेहनत लगती है कि सामान देने के बाद भी कोई नहीं बनाता।’ वृद्ध महिला ने बालक को प्यार से पुचकारते हुए कहा,‘अरे मेरे लाडले! ला मैं बना देती हूं तेरे लिए खीर।’ वृद्द महिलाने अपनी बहू से कहा ‘छोटी कड़ाही लाना, मैं इस बालक के लिए खीर बना दूं।’ बालक ने अब एकनई अनूठी जिद बांध ली कि‘घर में जो सबसे बडी कड़ाही हो, खीर उसी में बनाओ। वृद्धा ने यह जिद भी मानी और सबसे बडे कड़ाही मे खीर बनाने की त...

एक दिल को छू लेने वाली सच्ची कहानी-

 एक दुकान में खरीददारी कर रहा था, तभी मैंने उस दुकान के कैशियर को एक ५-६ साल के लड़के से बात करते हुए देखा | कैशियर बोला:"माफ़ करना बेटा, लेकिन इस गुड़िया को खरीदने के लिए तुम्हारे पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं|"फिर उस छोटे-से लड़के ने मेरी ओर मुड़ कर मुझसे पूछा''अंकल, क्या आपको भी यही लगता है कि मेरे पास पूरे पैसे नहीं हैं?''मैंने उसके पैसे गिने और उससे कहा:"हाँ बेटे, यह सच है कि तुम्हारे पास इस गुड़िया को खरीदने के लिए पूरे पैसे नहीं हैं"| वह नन्हा- सा लड़का अभी भी अपने हाथों में गुड़िया थामे हुए खड़ा था | मुझसे रहा नहीं गया | इसके बाद मैंने उसके पास जाकर उससे पूछा कि यह गुड़िया वह किसे देना चाहता है? इस पर उसने उत्तर दिया कि यह वो गुड़िया है - जो उसकी बहन को बहुत प्यारी है | और वह इसे, उसके जन्मदिन के लिए उपहार में देना चाहता है |"यह गुड़िया पहले मुझे मेरी मम्मी को देना है, जो कि बाद में जाकर मेरी बहन को दे देंगी"| यह कहते-कहते उसकी आँखें नम हो आईं थीं | "मेरी बहन भगवान के घर गयी है...और मेरे पापा कहते है...

गाँव का सरपंच

एक बार मुझे मेरे गाँव का सरपंच बना दिया गया.. गाँव वालो ने सोचा की छोरा पड़ा लिखा है..समझदार है, अगर ये सरपंच बन गया तो गाँव की भलाई के लिए काम करेगा.. मौसम बदला, सर्दियों के आने के महीने भर पहले गाँव वालो ने मुझसे पूछा की - सरपंच साहब इस बार सर्दी कितनी तेज पड़ेगी.. मैंने गाँव वालों से कहा की मैं आपको कल बताऊंगा.. मैं तुरंत ही शहर की और निकल गया..वहा जाकर मौसम विभाग में पता किया तो मौसम विभाग वाले बोले - की सरपंच साहब इस बार बहुत तेज सर्दी पड़ने वाली है.. मैंने भी दुसरे दिन गाँव में आकर ऐसा ही बोल दिया.. गाँव वालो को विश्वास था की अपने सरपंच साहब पढ़े लिखे हैं..शहर से पता करके आये हैं तो सही कह रहे होंगे..गाँव वालो की नजर में मेरी इज्जत और बढ़ गयी.. तेज सर्दिया पड़ने की बात सुनकर गाँव वालो ने सर्दी से बचने के लिए लकडिया इक्कठी करनी शुरू कर दी. महीने भर बाद जब सर्दियों का कोई नामोनिशान नहीं दिखा तो गाँव वालो ने मुझसे फिर पूछा..मैंने उन्हें फिर दुसरे दिन के लिए टाला..और शहर के मौसम विभाग में पहुँच गया.. मौसम विभाग वाले बोले की सरपंच साहब आप चिंता मत करो इस बार सर्दियों ...